रूस-यूक्रेन युद्ध के दोरान फिर से Bitcoin बना निवेशकों का पसंदीदा

रूस-यूक्रेन युद्ध के दोरान फिर से Bitcoin बना निवेशकों का पसंदीदा

रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War) के शुरू होने के बाद पिछले हफ्ते बिटकॉइन का प्राइस (Bitcoin price) गिरकर$ (लगभग25.82 लाख रुपये) पर आ गया था । लेकिन बीते सोमवार को इसने 10 प्रतिशत की छलांग लगाई और अब यह पिछले हफ्ते के मुकाबले 25% की बढ़त हासिल कर चुका है । इससे बिटकॉइन की वैल्यू (Bitcoin Value) वर्तमान में dollar (लगभग 33.07 लाख रुपये है ) पर पहुंच चुकी है । इसके अलावा दूसरी क्रिप्टोकरेंसी में भी बढत  देखा गया है । 


रूस-यूक्रेन युद्ध के दोरान फिर से Bitcoin बना निवेशकों का पसंदीदा


 

Ukraine पर हमला करने के कारण रूस की करेंसी रूबल की वैल्यू नीचे गिरने लगी है और russian नागरिक अब अपने पैसे को बिटकॉइन से बदल रहे हैं । ताकि अंतर्राष्ट्रीय समुदायों ने रूस पर जो आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं उनका असर कम किया जा सके । वहीं, यूक्रेन की सरकार ने भी नागरिकों के लिए इलेक्ट्रोनिक फंड ट्रांजैक्शन सीमित कर दिए हैं और यूक्रेन के लोग भी अब करेंसी को बिटकॉइन और दूसरी क्रिप्टोकरेंसी में बदल रहे हैं । इसके अलावा वो ऐसे स्टेबल कॉइन खरीद रहे हैं जिनकी वैल्यू यूएस डॉलर के साथ बंधी है । वर्तमान में भारत में बिटकॉइन की कीमत (Bitcoin price in India)32.34 लाख रुपये है । 




क्रिप्टोकरेंसी


रूस के हमले से पहले बिटकॉइन दूसरे जोखिम वाले ऐसेट्स की तरह ही ट्रेड कर रहा था । निवेशक फेडरेल रिजर्व (Federal Reserve) से उम्मीद लगाए बैठे थे कि बढ़ती महंगाई के चलते जल्द ही यह ब्याज दरें बढ़ाएगी । उन्होंने पैसे को अधिक जोखिम भरे निवेश जैसे कि बिटकॉइन में से निकालने का फैसला किया और बैंकों के स्टॉक्स के साथ ही दूसरी इंडस्टीज़ के स्टॉक भी खरीद डाले ताकि दरें बढ़ने पर रिटर्न अच्छा मिल सके । यही कारण था कि बिटकॉइन की वैल्यू कम होती जा रही थी । 



 

 यह फ्लो तब पलटा जब Russia ने Ukraine पर हमला कर दिया । उसके बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर फाइनेंशिअल सिस्टम से संबंधित कई रोक लगा दिए । इसके चलते रूस के नागिरकों ने तेजी से बैंकों और एटीएम से पैसा निकालना शुरू कर दिया जिससे बैंकों और एटीएम के बाहर लोगों की लंबी कतारें लग गईं । 

ब्लॉकचेन (Blockchain) डेटा और एनालिटिक्स फर्म Coin Metrics का कहना है कि पिछले दिनों में रूस के Ruble और Ukraine के Hryvnia के लिए बिटकॉइन में एक्सचेंज का ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ गया है । लेकिन ऐसी ट्रेडिंग over all volume का केवल छोटा सा हिस्सा दिखाती है । कुल मिलाकर अर्थ यह निकलता है कि निवेशक बड़ी संख्या में अब अपने ऐसेट्स को जमा करने के लिए बिटकॉइन और दूसरी क्रिप्टोकरेंसीज को अच्छा विकल्प मान रहे हैं । 




Coin Metrics के रिसर्च ऐनालिस्ट Kyle Waters ने कहा, क्रिप्टो ट्रेडिंग डेटा इस बात की पुष्टि करता है कि हाल में विश्व में चल रही political घटनाओं ने क्रिप्टो की डिमांड को बढ़ा दिया है । क्रिप्टो को कहीं भी ट्रांसफर किया जा सकता है और इसके लिए किसी थर्ड पार्टी की जरूरत भी नहीं है । यह किसी के लिए भी काम कर सकती है, निश्चित रूप से रशियन और यूक्रेनियन लोगों के लिए भी, जो अपनी लोकल करेंसी की गिरती कीमतों से बचना चाह रहे हैं ।"




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